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BHARAT ME MAHILA SASHAKTIKARAN KE RASATE ME ANE WALI KATHINAIYAN

Bharat Me Mahila Sashaktikaran Ke Rasate Me Ane Wali Kathinaiyan

BHARAT ME MAHILA SASHAKTIKARAN KE RASATE ME ANE WALI KATHINAIYAN

भारत में महिला सशक्तिकरण के रास्ते में आने वाली कठिनाईयां      
भारतीय समाज एक अलग तरह का समाज है जिसमे कई सारे रिवाज, मान्यताएं और परम्पराएं शामिल हैं और यही सब भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए बाधा उत्पन्न करती हैं!

इसी तरह महिलाओं के रास्ते में आने वाली बाधाओं को बताया गया है
;-
1) सामाजिक मापदंड
पुरानी विचारधाराओं के अनुसार भारत के सारे क्षेत्रों में महिलाओं को घर से बाहर जाने पर पाबंदी होती हैं! जिसकी वजह से महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने और रोजगार के लिए बाहर जाने की आजादी नहीं मिलती! ऐसे पुरानी तरह की सोच के वातावरण में रहने के कारण महिलाएं भी खुद को पुरुषों से कम महत्व देने लगती हैं और सामाजिक और आर्थिक वातावरण को बदलने में नाकाम साबित होती है।

2)
कार्यक्षेत्र में शारीरिक शोषण
कार्य के क्षेत्र में भी होने वाला शोषण महिला सशक्तिकरण में बाधा उत्पंन्न करता हैं! सेवा उद्योग, साफ्टवेयर उद्योग, शैक्षिक संस्थाएं आदि जैसे निजी क्षेत्रों में इस समस्या का सबसे ज्यादा असर पड़ा हैं! पुरुषप्रधान समाज होने के कारण महिलाओं के लिए और भी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं! पिछले कुछ समय से कार्य क्षेत्रों में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न में 170 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली हैं! 

3)
लैंगिग भेदभाव
आज के समय में भी भारत जैसे देश में महिलाओं के साथ लैंगिग स्तर पर काफी भेदभाव किया जाता है। महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के लिए कही भी बाहर जाने की अनुमति नहीं होती और महिलाएं परिवार से जुड़े फैसले लेने और आजादीपूर्वक कोई भी कार्य अपनी इच्छानुसार नहीं कर सकती! उन्हें हर कार्य में पुरषो से कम ही समझा जाता हैं! इसी तरह के भेदभावों के कारण ही सामाजिक और आर्थिक दशा बिगड़ गयी हैं और इसके साथ ही यह महिला सशक्तिकरण के लक्षय को पूरा करने में बुरी तरह से प्रभाव डालता हैं!

4)
भुगतान में असमानता
भारत में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को कम भुगतान किया जाता हैं और बहुत से क्षेत्रों में यह समस्या आम हैं! समान कार्य को समान समय पर खत्म करने पर भी महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम वेतन मिलता हैं! काम के समय महिलाओं और पुरुषों को समान अनुभव और समान योग्यता होती हैं परन्तु फिर भी दोनों में भेदभाव किया जाता हैं! जो महिला सशक्तिकरण के उदेश्य को पूरा करने में समस्या उत्पन्न करता हैं!

5)
अशिक्षा
महिलाओं की पढ़ाई को बीच में छुड़वा दिया जाता हैं और यह समस्या भी महिला सशक्तिकरण में बाधा उत्पन्न करती हैं! आज के समय में शहरों में रहने वाली लड़कियाँ शिक्षा के मामले में लड़को के बराबर हैं परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में यह अभी भी काफी पीछे हैं! भारत में महिला शिक्षा दर 64.6 प्रतिशत है जबकि पुरुषों की शिक्षा दर 80.9 प्रतिशत है। गांव में रहने वाली लड़कियां जो स्कूल जाती हैं, उनकी पढ़ाई को बीच में ही छुड़वा दिया जाता हैं और कुछ लड़कियां तो दसवीं भी पास नहीं पाती हैं!

6)
बाल विवाह
वैसे भारत में आज के समय में बाल विवाह जैसी कुरीति काफी हद तक कम हो गयी हैं क्योकि सरकार ने इसके खिलाफ काफी ठोस कदम उठाये हैं! परन्तु अब भी कई क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी कुरीति देखने को मिलती हैं! एक रिपोर्ट के द्वारा पता चला हैं कि भारत में हर साल लगभग 15 लाख लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले ही कर दी जाती है, जो बहुत ही गलत हैं! जल्दी शादी होने के कारण महिलाओं का विकास रुक जाता हैं और वह शारीरिक और मानसिक रूप से व्यस्क नहीं हो पाती!

निष्कर्ष
हमें इस तरह की कुरीतियों को होने से रोकना होगा जिसमे मुस्कान एनजीओ भी हमारी मदद कर रही है! इनके द्वारा समाज को यह बता सकते हैं कि हम सभी को महिलाओं का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देनी चाहिए! जिसके लिए महिलाओं को खुद आत्मविश्वासी बनना पड़ेगा और अपने अधिकारों का पूर्ण रूप से प्रयोग करना पड़ेगा! तभी हमारा देश विकसित हो पाएगा! 

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