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DAHEJ KISH PARAKAR SAMAJ KE LIYE SAMASHYA BAN CHUKKA HAI ?

Dahej Kish Parakar Samaj Ke Liye Samashya Ban Chukka Hai

DAHEJ KISH PARAKAR SAMAJ KE LIYE SAMASHYA BAN CHUKKA HAI ?

दहेज किस प्रकार समाज के लिए समस्या बन चुका हैं?
पहले के समय में जब किसी लड़की की शादी की जाती थी तो परिवार के मुखिया लड़की के साथ कुछ जरूरी समान दिया करते थे ताकि वो अपने जीवन साथी के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर सके और उसे अपना परिवार चलाने के लिए कुछ जरूरी सामान के लिए परेशानी न उठानी पड़े, यह सब उसे उसका हक समझ कर दिया जाता था क्योकि वो अपने घर जा रही हैं तो अब वह उस घर की हो जायगी इसीलिए उसे अपने घर की यादों के रूप में सामान दिया जाता था! वह जरूरी सामान इसलिए भी दिया जाता था क्योकि अगर किसी कारणवश पति की मृत्यु हो जाती हैं तो लड़की को परिवार चलाने में सुविधा रहे और इसी तरह जरूरी सामान जैसे बर्तन, बिस्तर आदि रस्में ही बन गई! इन्ही के चलते लोगों के मन में लालच बढ़ने लगा और घर परिवार चलाने वाली वस्तु को दहेज और मोटी रकम लाने वाली वस्तु बना दिया गया! इस कुप्रथा ने भारतीय समाज में दहेज़ प्रथा महामारी का रूप धारण कर चुकी है और इस महामारी में मरने वालो की संख्या लगातार बढती जा रही है!

इस महंगाई के जमाने में पिता की कम कमाई के कारण दहेज का पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाता जिससे लड़कियों की उम्र बढ़ती जाती हैं और अधिक आयु में शादी होने का असर समाज पर पड़ता हैं और अगर अधिक आयु में भी लड़की की शादी न हो तो कई बार लड़की के पिता ही आत्महत्या कर लेते हैं या लड़कियां ही कभी-कभी तो पिता के लिए खुद को परेशानी समझने वाली आत्महत्या कर लेती हैं! इन सब में मध्यमवर्गीय परिवार ज्यादा प्रभावित होते हैं! हमारे देश में सरकार ने दहेज के विरुद्ध कानून तो बना दिए हैं परन्तु इसका समाज की मानसिकता पर कोई असर नहीं पड़ा हैं! धर्म और समाज को मानने वाले लोग चुपचाप इस कुप्रथा का समर्थन कर रहे हैं, वैसे समाज की अपनी समझ के साथ कुछ जगह पर इस प्रथा का बहिष्कार भी किया जाता हैं!

दहेज मानव जाति के लिए अभिशाप बन चुका हैं, दहेज के प्रभाव के कारण लड़की को अयोग्य वर के हाथ में सौंप दिया जाता हैं, परन्तु ऐसे विवाह ज्यादा समय तक नहीं टिकते। कुछ संघर्षों के बाद तलाक की नौबत आ जाती हैं! यदि किसी लड़की को अच्छा घर और वर मिल भी गया परन्तु उसके साथ उनकी इच्छानुसार दहेज नहीं पहुंचा तो ससुराल में लड़की का जीना मुश्किल हो जाता हैं! इससे माता-पिता कर्जे में फंस जाते है! लड़की या तो पिता के घर पर वापिस आ जाती हैं या फिर आत्महत्या कर लेती हैं! कभी कभी तो परिवार वाले ही मिलकर बहू को मार देते हैं क्योकि उनके घर से उतना दहेज नहीं आया होता जितना लड़के वालों द्वारा कहा गया था! एक सर्वे के अनुसार पता चला कि विवाहित स्त्रियो की आत्महत्या का मुख्य कारण दहेज ही हैं! दहेज न मिलना पर विवाह के आभाव में बहुत सी बालिकाएं वंश की मान मर्यादा भी खो बैठती हैं! कभी कभी तो माता-पिता दुखी होकर स्वयं ही आत्महत्या कर लेते हैं!

निष्कर्ष
दहेज की वजह से कई लड़कियां आत्महत्या कर लेती हैं क्योकि लड़की वाले लड़के वालों की मांग को पूरा करने में असमर्थ हो जाते हैं! जिसकी वजह से लड़की परेशान होकर आत्महत्या का रास्ता चुनती हैं! मुस्कान एनजीओ की टीम लड़कियों को इस परेशानी से दूर करने के लिए नियम बनाये हैं ताकि लड़कियों को इनसब का समाना न करना पड़े! उन लड़कियों के लिए ठोस कदम उठाये गए है जो दहेज की वजह से परेशान रहती हैं! यह टीम उन्हें इन्साफ दिलाने की कोशिश करता हैं!