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DESH ME LADKIYO KI SIKCHA KA MAHATAV

Desh Me Ladkiyo Ki Sikcha Ka Mahatav

DESH ME LADKIYO KI SIKCHA KA MAHATAV

देश में लड़कियों की शिक्षा का महत्व
भारत को आजाद हुए 70 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन कुछ चीजें अभी तक वैसी की वैसे ही है। जिसमें आज भी एक सबसे अहम समस्या है लड़किओं की शिक्षा। समाज का एक हिस्सा आज भी लड़कियों को शिक्षा दिलाना ज्यादा जरूरी नहीं समझता। उन लोगों के लिए अपने लड़कों को पढ़ाना ही जरूरी लगता है क्योंकि वे सोचते हैं की उनके लड़के की उनके परिवार को आगे बढ़ाएंगे। लड़कियों को तो आज भी पराया धन समझा जाता है। हमारी समाज में कुछ ऐसे भी शिक्षित लोग उपस्थित हैं, जो खुद शिक्षित होने के बावजूद अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए घर से बाहर नहीं निकलने देते। लेकिन जैसे जैसे समाज उन्नति कर रहा है हम समझते हैं कि लड़किओं की शिक्षा आज के समय मे बेहद ज़रूरी हो गया है।

लड़कियों की शिक्षा का महत्व
  • आने वाले समय में दहेज बंद कर दिया जाएगा
 आप जानते है कि कोई लड़की एक अच्छी सरकारी नौकरी कर रही है और उसके परिवार को दहेज देने के लिए विवश किया जाता है। जो लड़की शिक्षित नहीं है और जिनके मां बाप ज्यादा शिक्षित नहीं है उन्हीं को दहेज देने के लिए विवश होना पड़ता है। अगर लड़की को पढ़ाया लिखाया जाए और उसके पास अपनी नौकरी हो तो दहेज देने की बात ही नहीं आएगी।
  • देश की अर्थव्यवस्था बढ़ाने में मदद
अगर लड़कियों को पढ़ने लिखने के लिए बाहर भेजा जाएगा तो उनकी नौकरी लगने के मौके ज्यादा रहेंगे। पहले सिर्फ पुरुष ही विभिन्न गवर्नमेंट सैक्टर और प्राइवेट सैक्टर में काम करते थे। अगर महिलाएं भी ऐसा करेंगे तो निश्चित रूप से देश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी।
  • परिवार भी शिक्षत होंगे
एक शिक्षत माँ से ज्यादा अपनी परिवार की शिक्षा के बारे मे कौन समझ सकता है। महिला पुरुष से ज्यादा समय घर पर बिताती हैं। इससे वह अपने बच्चों को बहुत अच्छे से पढ़ा लिखा भी सकती हैं। तो यह संभावना काफी बढ़ जाती है, कि उनके बेटा या बेटी आगे चलकर कामयाबी हासिल करेंगे और देश की उन्नति में योगदान देंगे।
  • कम घरेलू हिंसा
अक्सर घरेलू हिंसा के केस सुनने में आते रहते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि समाज की महिलाएं शिक्षित नहीं है। उनको अपने परिवार से और पैसे लाने के लिए हिंसा किया जाता है। जो कि अपराध है। अगर वह शिक्षित होंगी तो वह अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ सकती है। साथ ही अगर वह अच्छी पढ़ी लिखी होंगी और खुद की नौकरी होगी तो वह इंडिपेंडेंट होंगी। वह खुद के लिए और अपने बच्चों के लिए कमा खा सकती हैं।
निष्कर्ष
कहा जाता है जहाँ बेटिओं की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। प्राचीन काल से ही नारी को गृह देवी या गृह लक्ष्मी कहा जाता है।मुस्कान एनजीओ द्वारा हमें संदेश दिया जाता है कि हमें नारी को जो हमारे संस्कृति और समाज की बुनियाद है जिसके बिना सृष्टि सिर्जना की कल्पना भी नही की जा सकती को शिक्षित करना बहुत महत्त्व है। उनके अनुसार यदि हम अपने देश को विकसित करना चाहते हैं तो हमें सभी लड़कियों को शिक्षित करना होगा।