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JAL HAI TO KAL HAI

Jal Hai To Kal Hai

JAL HAI TO KAL HAI

जल है तो कल है
पृथ्वी पर जीवन जीने के लिए जल का होना बहुत ही आवश्यक हैं क्योकि वायु की तरह जल भी मनुष्य के लिए बहुत ही जरूरी हैं! सभी मनुष्य, जीव-जंतु और पेड़ पौधे जीवित रहने के लिए जल पर निर्भर रहते हैं! वायु की तरह जल भी सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं जो धरती पर जीवन जीने के लिए सबसे आवश्यक हैं! ताजा पानी हमारी उन मुख्य जरूरतों में से सबसे मुख्य है, जो हमारे स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। जल का उपयोग पीने के साथ-साथ कपडे धोने, बर्तन साफ़ करने और साफ सफाई करने जैसे अन्य कई कार्यो में भी किया जाता हैं! जल हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं क्योकि यह कृषि के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी बहुत उपयोगी हैं!

जल का महत्व 
पृथ्वी पर जीवन जीने के लिए जल महत्वपूर्ण संसाधन रहा है और इसी कारण से विश्व की प्रमुख सभ्यताओं का उदय नदियों के आस-पास ही हुआ हैं! कई बड़े-बड़े शहरों के विकास में नदियों का काफी बड़ा योगदान हैं! मगल ग्रह पर जल न होने की वजह से जीवन संभव नहीं हैं और हम कही भी जल के बिना जीवन की सम्भावना नहीं कर सकते! यही कारण हैं कि जल को जीवन भी कहा गया हैं! इस धरती पर पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी जल बहुत महत्वपूर्ण हैं! जब बादल समुद्र से मैदानी इलाकों में पहुंच कर ठंडा होता है तो यह पानी में बदल जाता है और यह वर्षा के रूप में समुन्द्रों, नदियों, तालाबों आदि में भर जाता हैं! प्राकृतिक चक्र पूरी तरह से जल पर निर्भर करता है क्योंकि जबतक जल वाष्प बनकर वायु में नही मिलेगा तब तक वर्षा नही होगी। और वर्षा न होने के कारण फसलें खराब हो जाती हैं और इसके कारण सूखे की समस्या भी उत्पन्न हो जाती हैं! इसीलिए जल की बचत करना हमारा सबसे पहला कर्तव्य हैं!

जल हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और यह हमारे जीवन में जीने के बहुत ही आवश्यक हैं! जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है और यदि हमे इस धरती पर अपना जीवन बनाये रखना है तो हमे जल को भी बचाना होगा! पानी का उपयोग न सिर्फ पीने के लिए किया जाता हैं बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यो जैसे कि स्नान करना, कपडे धोना, खाना बनाना इत्यादि कार्यो में भी जल उपयोग किया जाता हैं! इसलिए जल का उपयोग बड़ी ही सावधानीपूर्वक करना चाहिए ताकि आने वाले समय में हमे किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े!
पृथ्वी पर रहने वाले पेड़-पौधे जिव-जंतु तथा अन्य प्राणी भी पूरी तरह से जल पर ही निर्भर हैं तथा जल की कमी इनकी भी वृद्धि और विकास को प्रभावित करती हैं! जिससे पूरा पर्यावरण तंत्र भी प्रभावित होता हैं! इसलिए यह काफी आवश्यक है कि हमें पानी की बचत करनी चाहिए ताकि पृथ्वी पर जीवन इसी प्रकार से फलता-फूलता रहे।

शहरीकरण में जल का उपयोग
जल का सबसे बड़ा उपयोग बिजली बनाने में किया जाता हैं इसिलए आज के समय में ज्यादातर शहर नदियों के आस-पास बसे हुए हैं क्योकि हर प्रकार के उद्योग को उत्पादन के लिए जल की जरूरत होती है, चाहे वह कागज़ का उद्योग हो या फिर कपडे बनाने का या फिर खोलने का! हर किसी उद्योग में जल की आवश्यकता होती ही हैं!

जन जागरुकता लाने के लिए उठाये जा सकने वाले विभिन्न कदम
आज के समय में पूरा देश जल की समस्या से परेशान हैं इसिलए इस समस्या से निपटने के लिए हम सभी को सामाजिक जागरुकता लाने की आवश्यकता है;
1)हमारी भारत सरकार भी जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर लोगो में कई सारे जन जागरुकता अभियान चला रही है।
2) हमारे देश में संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 22 मार्च को " राष्ट्रीय जल दिवस मनाया जाता हैं, इस दिन सभी लोगो को पानी की बचत से सम्बंधित और उसके संसाधनों के प्रबंधन के विषय में समझाया जाता हैं!
3) लोगो को जागरूक करने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा इस मुद्दे पर कई सारे विभाग बनाये गए हैं और इस कार्य के लिए ‘पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय’ भी स्थापित किया गया हैं जो गंगा और अन्य नदियों की सफाई का कार्य करते हैं!
4) केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा भी वर्षा जल संग्रहण, कृत्रिम पुनरभरण और भूजल संरक्षण के लिए भी कई सारे कार्यक्रम चलाये जाते है।
5) आध्यत्मिक गुरु “श्री जग्गी वासुदेव” ने लोगों में “रैली फार रीवर” जैसे अभियान चलाये ताकि लोगो में जल की बचत एवं जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर जागरूकता प्राप्त हो सके! उन्होंने लोगो को नदियों के आस-पास, सरकारी भूमि तथा कृषि भूमि के किनारे भी पेड़ लगाने का भी सुझाव दिया! नदियों के आस-पास पेड़ लगाने से पूरे साल नम मिटटी उपलब्ध होती हैं तथा पेड़ लगाने से बाढ़, सूखे के कारण होने वाले मिट्टी के कटाव को भी कम किया जा सकता हैं जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होती हैं!

जल संरक्षण करने के तरीके
पृथ्वी पर भयंकर सूखा पड़ने के कारण जल संकट को टालने के लिए सभी को जल का कम से कम तथा अच्छे तरीके से उपयोग करना चाहिए! वातावरण की सुंदरता को बनाये रखने के लिए जल संरक्षण करना बहुत जरूरी हैं!  दैनिक कार्यो से इसकी शुरुआत करके ही जल संरक्षण किया जा सकता हैं!
आजकल की युवा पीढ़ी को जल के महत्व के बारे में समझाना बहुत जरूरी हो गया हैं! हम अपने दैनिक कार्यो में होने वाले छोटे-छोटे कार्यो द्वारा सैकड़ो गैलन पानी बचा सकते है। ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में यहां बताया गया है, जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में अपना सकते है।
1)अगर हम अपने गतिविधियों के दौरान थोड़ी सावधानी बरते तो हम जल की बचत कर सकते हैं! जैसे कि मंजन करते वक्त, दाढ़ी बनाते वक्त, हांथ धोते वक्त, पानी के नल को बंद कर देना चाहिए। ऐसा करने से हम लदभग 160 गैलन पानी हम बचा सकते है।
2) नहाते समय फुहारे के जगह बाल्टी तथा मग का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि काफी मात्रा में पानी बचाया जा सके!
3) पौधों को दोपहर के जगह सुबह और शाम के समय पानी देना चाहिए क्योकि दोपहर के समय पौधे जल को जल्दी सोख लेते हैं और उनकी जड़ो तक पानी भी नहीं पहुँच पाता! यह भी पानी को बचने का सबसे अच्छा उपाए हैं! 
4)हमेशा बरसात के मौसम में ही वृक्षारोपड़ करना चाहिए ताकि पौधे लगाते समय खर्च होने वाले पानी को बचाया जा सके!
5) हमें अपने घरों में किसी तरह के पानी के लीकेज को तुरंत ठीक करा लेना चाहिए, ताकि इससे होने वाली पानी की बर्बादी को रोका जा सके।
6) कार धोते समय पाइप का इस्तेमाल करने के स्थान पर बाल्टी का उपयोग करना चाहिए ताकि पाइप के इस्तेमाल से होने वाले पानी को बचाया जा सके!
7) वाशिंग मशीन और डिश वाशर का उपयोग करते समय हमें उनका अधिकतम क्षमता का उपयोग करना चाहिए ताकि इनके द्वारा बर्बाद होने वाले पानी को रोका जा सके!
8) अपने घरों में पानी के पुनरावृत्ति के लिए हमें हमेशा सही फैसला लेना चाहिए ताकि हमेशा जल संरक्षण के इस कार्य को किया जा सके और सही मात्रा में पानी को बचाया जा सके।

जल संरक्षण एक ऐसा कार्य है, जिसके द्वारा हम प्रकृति की सुरक्षा के साथ-साथ अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर सकते हैं! हम सब जानते है कि पृथ्वी पर दिन-प्रतिदिन जल का स्तर गिरता जा रहा है, जिसके कारण पर्यावरण को भी काफी बुरे तरीके से इसका सामना करना पड़ रहा हैं! जल संरक्षण और जल की शुद्धता बनाये रखने के तरीकों के विषय में समझना हमारे लिए काफी सहायक सिद्ध होगा! इसके द्वारा हम अपने जीवनस्तर में सुधर ला सकते हैं और साथ ही साथ अपने आने वाले पीढ़ीयों का भविष्य भी सुनिश्चित कर पायेंगे।

जल है तो जीवन है
पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीवो के जीवित रहने के लिए जल बहुत जरूरी हैं! सभी जीवो को स्वस्थ और सुरक्षित रहने जीवन जीने के लिए जल की आवश्यकता होती है! आज के समय में जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है तथा उसी के साथ जल का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है। इसके साथ-साथ शहरों में पेड़ो को काटा जा रहा हैं जिसकी वजह से पेड़ो की संख्या भी तेजी से घटती जा रही है, जिसके कारण प्रदूषण, कई क्षेत्रों में सूखे, फसलों के नुकसान और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसलिए यही वह समय हैं जब हम जल संरक्षण के कार्यों पर विशेष ध्यान देकर अपने जीवन और पृथ्वी को बचा सकते हैं!

पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग पानी से ढका हुआ है, लेकिन फिर भी हमारे ऊपर जल का संकट मंडरा रहा हैं! ऐसा इसलिए हैं क्योकि विश्व का लगभग 96.5 प्रतिशत पानी समुद्री पानी के रुप में मौजूद है, जोकि खारा होता है और जिसका उपयोग हम नहीं कर सकते, केवल 3.5 प्रतिशत जल ही हम उपयोग कर सकते हैं जो कि भूजल, ग्लेशियर, नदियों और झीलों के रुप में उपलब्ध है! आबादी बढ़ने के कारण प्राकृतिक संसाधन भी तेजी से खत्म हो रहे हैं और पानी की बर्बादी, तेजी से हो रहे औद्योगिकरण और शहरीकरण के कारण जल का यह संकट और भी बढ़ता जा रहा हैं! इसी कारण से कई देशों में लोग आज भी पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं! जिसके कारण सरकार को इन जगहों पर पानी के टैंकर द्वारा पानी उपलब्ध करवाना पड़ रहा है!

आज के समय में विश्व के विभिन्न भागो में लोगो को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा हैं और यह वह समस्या हैं जब स्वच्छ और ताजे पानी की कमी का सामना करना पड़ता हैं! कुछ तथ्यों से पता चला है कि आज के समय में विश्व की एक तिहाई आबादी को एक वर्ष में करीब एक महीने पानी की कमी की समस्या से गुजरना पड़ता हैं! इसके साथ ऐसा भी अनुमान लगाया हैं कि लगभग 50 करोड़ लोगो को पूरा साल पानी की कमी का सामना करना पड़ता हैं! अगर हमने पानी की बचत करनी न शुरू की तो बहुत ही जल्द इस धरती से पानी बिलकुल ख़तम हो जायगा। इसलिए हमे पानी को जितना हो सके पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए! 

विश्व जल दिवस
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 22 मार्च के दिन को “विश्व जल दिवस” के नाम से जाना जाता हैं, ताकि लोगों को ताजे पानी के महत्व के बारे में पता चल सके तथा पृथ्वी पर जल की समाप्ति से उत्पन होने वाली समस्याओं के विषय मे समझाया जा सके। सन् 2018 में विश्व जल दिवस का थीम ‘प्रकृति के लिए जल’ रखा गया है, जिसका अर्थ 21 सदी में होने वाली पानी के समस्या के प्राकृतिक उपाय खोजने से है।

जल संरक्षण की आवश्यकता
विश्व के कई सारे हिस्सों में कम वर्षा होती हैं जिसके कारण वहाँ के लोग पानी की भयंकर कमी से जूझ रहे है! कई सारे स्थानों पर तो पानी दूषित हो चूका है या फिर वर्षा की कमी के कारण उसकी पुनःपूर्ति नही हो पायी है। इन सभी कारणों से कई क्षेत्रों में पानी की कमी भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।

निष्कर्ष 
हम सभी को अपने जीवन में जल के इस महत्व को समझना चाहिए क्योंकि इसके कमी के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याएं बहुत ही गंभीर होंगी। जैसा कि हम जानते हैं कि हमारे ग्रह का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है लेकिन इसमें से केवल 3.5 प्रतिशत ही ताजा पानी है, जोकि हमारे पीने के लिए उपयुक्त है। इसलिए यह काफी आवश्यक है कि हम पानी की महत्वता को समझे ताकि भविष्य में हमारे आने वाले पीढ़ीयों तक भी स्वच्छ जल प्राप्त हो सके, और इस समस्या को देखते हुए सरकार और कई सारे एनजीओ भी लोगों में जागरुकता फैलाने का कार्य कर रहें है। इसीलिए हमारे ग्रह पर उपलब्ध यह जल बहुत ही बहुमूल्य है और हमें इसे किसी प्रकार से व्यर्थ नही करना चाहिए।