No One Has Ever Become Poor By Giving!

  • Phone:+91 9953659128
  • Email: info@muskanforall.com
Franchise Volunteer Donate Us

JANGAL SABAD KI UATAPATI

Jangal Sabad Ki Uatapati

JANGAL SABAD KI UATAPATI

जंगल शब्द की उत्पत्ति
जंगल शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी शब्द से हुई है जिसका मतलब है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों और पौधों का प्रभुत्व होना। इसे अंग्रेजी के एक ऐसे शब्द के रूप में पेश किया गया था जो कि जंगली भूमि को संदर्भित करता है जिसको लोगों ने शिकार के लिए खोजा था। यदि यह बात थी तो कुछ लोगों ने दावा किया था कि जंगल शब्द मध्यकालीन लैटिन शब्द "फोरेस्टा" से लिया गया था जिसका अर्थ था खुली लकड़ी। मध्यकालीन लैटिन में यह शब्द विशेष रूप से राजा के शाही शिकार मैदानों को संबोधित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। घने पेड़ों, झाड़ियों और विभिन्न प्रकार के पौधों द्वारा कवर किया गया एक विशाल भूमि क्षेत्र को वन के रूप में जाना जाता है। दुनिया भर में कई प्रकार के वन हैं जो विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों के लिए घर हैं।

जंगल मूल रूप से भूमि का एक टुकड़ा है जिसमें बड़ी संख्या में वृक्ष और पौधों की विभिन्न किस्में शामिल हैं। प्रकृति की ये खूबसूरत रचनाएँ जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के लिए घर का काम करती हैं। घने पेड़ों, झाड़ियों, श्लेष्मों और विभिन्न प्रकार के पौधों द्वारा कवर किया गया, एक विशाल भूमि क्षेत्र को वन के रूप में जाना जाता है। वे ग्रह की जलवायु को बनाए रखने में मदद करते हैं, वातावरण को शुद्ध करते हैं, वाटरशेड की रक्षा करते हैं।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न प्रकार के जंगलों का विकास होता है। ये मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित हैं - वर्षा वन, शंकुधारी वन और पर्णपाती वन। वन पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं क्योंकि वे जैव विविधता में मुख्य रूप से सहायता करते हैं। जंगलों की मौजूदगी की वजह से बड़ी संख्या में पक्षियों और जानवरों की जिंदगी जीवित रहती है।

भारत- सबसे बड़ा जंगल वाला देश
भारत बहुत सारे देशों के साथ दुनिया के शीर्ष दस वन-समृद्ध देशों में से एक है, जैसे ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, आदि। भारत के साथ ये देश दुनिया के कुल वन क्षेत्र का लगभग 67% हिस्सा है।
भारत में सबसे ज्यादा जंगल वाला देश है। जंगल के बिना हमारा जीवन खतरे में आ जाऐगा। यह हमें बहुत कुछ प्रधान करते है-

1. वायु को शुद्ध- वृक्ष हमारी वायु को शुद्ध करने का कार्य करते हैं और हमें श्वास के लिए शुद्ध वायु देकर हमें जीवन देते हैं।

2. जलवायु नियंत्रण- वन जलवायु को नियंत्रित रखते हैं जिसके की समय पर बारिश होती है और समय पर ही हर रितु आती है।

3. आजीविका का साधन- वृक्ष हमें लकड़ी, ईंधन आदि प्रदान करते हैं जिससे कि लोग अपनी आजीविका चला सकते हैं।

4. औषधीय वृक्ष- वनों में बहुत से ऐसे वृक्ष पाए जाते हैं जो कि औषधीय गुणों से भरपूर है और हमारे स्वास्थय को रखने में बहुत सहायक है।

5. पशु और पक्षियों का घर- वनों में विभिन्न तरह के पशु पक्षी रहते हैं तो वन उनका घर हैं और उन्हें रहने के लिए अनुकुल वातावरण प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष
आज के युग में मनुष्य अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए वनों को काटता जा रहा है। घरों और उद्योगों को बनाने के लिए और लकड़ी से बनी वस्तुओं की माँग में बढ़ौतरी के कारण निरंतर वनों को काटा जा रहा है। मनुष्य यह भूलता जा रहा है कि वन उसके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है और उसे उसकी जरूरत है ।मुस्कान एनजीओ द्वारा हमें सन्देश देते है कि  हम सबको वनों को काटने की बजाय ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने चाहिए और वनों को सुरक्षित करके वातावरण को सुरक्षित करना चाहिए। इतना समझने के बावजूद भी दिन-प्रतिदिन वनों की अंधाधुंध कटाई होती है। यह समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है।

Enquiry Form