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KIS PARAKAR GAON ME SIKSHA KI DASHA KO SUDHARA JA SAKTA HAI

Kis Parakar Gaon Me Siksha Ki Dasha Ko Sudhara Ja Sakta Hai

KIS PARAKAR GAON ME SIKSHA KI DASHA KO SUDHARA JA SAKTA HAI

किस प्रकार गांव में शिक्षा की दशा को सुधारा जा सकता हैं!
शिक्षा के मामले में गाँव की हालत बहुत ही खराब हैं! गाँवों की साक्षरता दर 58 प्रतिशत के करीब है और शहरों की साक्षरता दर 80 प्रतिशत हैं! गाँव में रहने वाली महिला की साक्षरता दर 46 प्रतिशत और शहरी महिलाओं की साक्षरता 73 प्रतिशत हैं! गाँव में शिक्षा को अधिक महत्व नहीं दिया जाता इसीलिए गाँव में शिक्षा की दशा को सुधारना बहुत जरूरी हैं!

गांव में शिक्षा की दशा को सुधारे जाने वाले कदम
1)गरीब बच्चों का सरकारी स्कूल में दाखिला करवाकर
सरकारी स्कूलों में फ़ीस नहीं ली जाती और वहाँ किताबें भी मुफ्त में मिलती हैं, दोपहर का भोजन भी मिलता हैं और स्कूल की यूनिफार्म और वजीफा भी स्कूलों से ही मिलता हैं! गाँव के गरीब लोगो अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में एडमिशन करके अपने बच्चों को पढ़ा सकते हैं ताकि वह भी भविष्य कुछ बन सके और देश का नाम रोशन कर सके!

2)
मान्यता देने के मानक
शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने के लिए जो मानक निर्धारित किये हैं उन्ही के अनुसार कमरों का साइज, संख्या और अध्यापकों की संख्या भी निर्धारित की गयीं हैं! परन्तु ये सभी मानक सरकारी स्कूलों में पूरे नहीं होते! क्योकि सरकारी स्कूलों में पांच कक्षाओं पर दो कमरे और दो या तीन अध्यापक ही  होते हैं! इसलिए सभी सरकारी स्कूलों में भी मानकों की पूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि गरीब लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ा-लिखा सके! 

3)
शिक्षा का उद्देश्य
1) शिक्षा का असली लक्ष्य होता है नौकरी पाना! लेकिन गाँव के लोगों को तो यह पता ही नहीं कि उनके बच्चों को बड़े होकर क्या बनना हैं और उसकी प्राप्ति के लिए क्या किया जा सकता! इसीलिए स्कूलों में ऐसे अध्यापक होने चाहिए जो इन बच्चों को इनके भविष्य के बारे में प्रेरित कर सके!
2) स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ दिमाग भी होना जरूरी है इसीलिए कक्षा 1 से 8 तक छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी हैं इसीलिए स्कूलों में खेलने के लिए जगह बनवानी चाहिए और खेलकूद के टूर्नामेंट भी शुरू कराने चाहिए! पढ़ाई, खेलकूद और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना बहुत जरूरी हैं!

4)
अध्यापक का चयन
सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को कंप्यूटर, विज्ञानं और गणित के बारे में इतनी ज्यादा जानकारी नहीं होती! इसीलिए सरकारी स्कूलों में भी ऐसे अध्यापक होने चाहिए जिन्हे इन सभी सब्जेक्ट की पूरी जानकारी हो और बच्चे भी पूरा ज्ञान प्राप्त कर सके! सरकारी स्कूलों में भी हर सब्जेक्ट से संबधित अध्यापक होने चाहिए इस प्रकार शिक्षित बेरोजगारों को भी काम मिल जायगा!

5)
  अच्छी फेसिलिटी प्रदान करके 
सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को अच्छी फैसिलिटी देनी चाहिए! कक्षा 5 से कक्षा 8 तक सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के साथ ही बैठ कर एक साथ परीक्षा देनी चाहिए ! सरकार का काम सघन हो इसके लिए आवश्यक है कि जिला विद्यालय निरीक्षक, खण्ड विद्यालय निरीक्षक तथा संकुल निरीक्षक नियुक्त किए जाए।

6)
नई तकनीक उपलब्ध करवाकर
स्कूलों में नई तकनीक अपनाकर शिक्षा की दशा में बदलाव आ सकता हैं! स्कूलों में बच्चों के लिए कंप्यूटर व्यवस्था और विज्ञानं से सम्बंधित लेब सुविधा भी होनी चाहिए ताकि बच्चों को इन सब की भी जानकारी प्राप्त हो सके! और वह विज्ञानं और कंप्यूटर के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सके!

निष्कर्ष
हमारे देश के गाँव में शिक्षा को लेकर बहुत बड़ी समस्या हैं लोगो को शिक्षा से सम्बन्धित ज्यादा जानकारी नहीं हैं! मुस्कान एनजीओ के द्वारा हम लोगो तक यह सन्देश पहुँचा सकते हैं कि शिक्षा का हमारे जीवन में बहुत महत्व हैं! किस तरह गाँव में सरकारी स्कूलों में कुछ बदलाव करके बच्चों का भविष्य को विकसित कर सके!