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लड़कियों को शिक्षा देनी क्यों महत्वपूर्ण है

Ladkiyo ko shikcha deni kyo mahatavpurn hai

लड़कियों को शिक्षा देनी क्यों महत्वपूर्ण है

लड़कियों को शिक्षा देनी क्यों महत्वपूर्ण है

शिक्षा एक लड़की को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में मदद करती है ताकि वह अपने अधिकारों और महिलाओं के सशक्तिकरण को पहचान सके जिससे उसे लिंग असमानता की समस्या से लड़ने में मदद मिले। शिक्षा वयस्क जीवन के प्रति स्त्रियों के विकास के लिए एक आधार के रूप में विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा अन्य अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए लड़कियों और महिलाओं को सक्षम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बहुत सी समस्याओं को पुरुषों से नहीं कह सकने के कारण महिलाएं कठिनाई का सामना करती रहती हैं। अगर महिलाएँ शिक्षित हों तो वे अपने घरों की सभी समस्याओं का समाधान कर सकती हैं। स्त्री शिक्षा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय विकास में मदद करता है। आर्थिक विकास और एक राष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में मदद करता है। महिला शिक्षा एक अच्छे समाज के निर्माण में मदद करती है। एक शिक्षित महिला देश के विकास में बराबर योगदान देती है भारत में लड़कियों की शिक्षा देश की वृद्धि के लिए काफी हद तक आवश्यक है क्योंकि महिलाएं देश का भविष्य हैं ये सोच कर तो कम से कम हमको कदम उठाना चाहिए।

भारत में लिंग आधारित भेदभाव प्रचलित है। ऐसा आप ने देखा या सुना होगा कि समाज के निचले स्तर वाले कई माता-पिता अपने लड़के को स्कूल भेजते हैं, लेकिन लड़की को नहीं। यह भी एक समस्या है, जहाँ माता-पिता अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजते हैं। दूसरी जगह में, आप ने यह भी देखा होगा कि आम तौर पर शहरी इलाकों के माता-पिता अपने लड़के को बेहतर स्कूल में भेजते हैं। यहाँ तक ​​कि अगर लड़कियों का बेहतर स्कूल में नाम आ जाता है, तो भी उनको माता-पिता की वजह से स्कूल छोड़ना पड़ता है। लड़कियों के प्रति इस तरह का व्यवहार क्यों किया जाता है?

महिला को शिक्षित ना होने के कारण

हमें लड़की को शिक्षित न करने से होने वाले परिणामों के बहुत कारण है। जब एक महिला अशिक्षित होती है तो, अशिक्षा के कारण केवल वह ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के साथ-साथ देश भी प्रभावित होता है। कई बार यह पाया गया है कि निरक्षर महिलाओं की प्रजनन क्षमता उच्च और साथ ही मृत्यु दर अधिक होती है। यह देखा गया है कि निरक्षर महिला की तुलना में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाली महिलाओं के मामले में शिशु मृत्यु दर आधे से भी कम हो जाती है। इस के अलावा, अशिक्षित महिलाओं के कारण बच्चे  कुपोषण का शिकार होते हैं। निरक्षरता परिवार की सम्भावित कमाई की क्षमता को कम कर देती है।

लड़की का शिक्षित होने के लाभ

स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए महिलाओं को पढ़ाना बहुत जरूरी है। एक पढ़ी-लिखी महिला एक बेहतर इंसान, सफल माँ और एक जिम्मेदार नागरिक हो सकती है। महिलाओं को शिक्षित करने से निश्चित तौर पर जीवन स्तर में और घर के बाहर भी वृद्धि होती है। एक शिक्षित महिला अपने बच्चों को आगे पढ़ाई करने के लिए मजबूर करेगी जिससे बेहतर जीवन जीने की इच्छाशक्ति को भी बढ़ावा मिलेगा।

महिलाओं को शिक्षित करने से उनके आत्मसम्मान में बढ़ावा और उसकी मदद से महिलाओं की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है। एक शिक्षित महिला को अपने अधिकारों के बारे में जागरुक होना चाहिए। एक शिक्षित महिला सामाजिक बुराइयों जैसे घरेलू हिंसा, दहेज माँग, कम मजदूरी आदि जैसे कारणों का विरोध कर सकती है।

महिलाओं के लिए सरकार द्वारा योजनाएं

सरकार द्वारा ऐसे अनेक योजनाएँ चलाए जा रहे हैं, जिससे बालिकाओं के निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। वर्ष 1968 में नई शिक्षा नीति ने सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वर्ष 1988 में महिला समाख्या कार्यक्रम शुरू किया था। इसमें मध्यान्ह भोजन, यूनीफ़ॉर्म और लड़कियों के लिए किताबों के मुफ्त वितरण की योजनाएं हैं, लेकिन कई बुनियादी सुविधाओं, शिक्षक छात्र अनुपात, स्कूल में महिला बच्चों की सुरक्षा, बेहतर पाठ्यक्रम, स्वच्छता के लिए काम करना है। ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को शिक्षित किया जा सके। इसके अलावा माता-पिता को शिक्षा के महत्व को समझना चाहिए और शिक्षा के लिए पुरुष और महिला के मध्य अंतर नहीं करना चाहिए। हमें समझना चाहिए कि एक शिक्षित महिला अपनी सभी भूमिकाओं की जिम्मेदारियां उठाने में एक अशिक्षित महिला से अधिक सक्षम होती है।

उपसंहार

इनके नतीजों से ये पता चलता है कि दो दशक पूर्व और आज के बालिकाओं की स्थिति की तुलना करें तो हमें क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई देंगे। आज का समाज तेजी से बदल रहा है। आज महिलाओं को पुरूषों के बरबार में माना जा रहा है। बालिका शिक्षा से आज देश प्रगति की ओर बढ़ रहा है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न जैसी घटनाओं में कमी और जागरूकता आ रही है। महिलाओं को समाज के अभिन्न अंग के रूप में पूरे विश्व में स्वीकार किया जा रहा है। अतः हम पूरे विश्व में कहीं भी चले जाएंगे ऐसे परिवर्तन दिख जाएंगे।

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