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NASHA MUKT DESH HAR NAGRIK KI AAWSHYKTA HAI

Nasha Mukt Desh Har Nagrik Ki Aawshykta Hai

NASHA MUKT DESH HAR NAGRIK KI AAWSHYKTA HAI

नशा मुक्त देश हर नागरिक की आवश्यकता है
नशाखोरी की शुरुआत
आज के इस युग में लगभग सभी लोग तनाव ग्रस्त हैं। अक्सर लोग जीवन के तनाव तथा विफलताओं से पीछा छुड़ाने के लिए नशे की लत का सहारा लेते हैं, जिसका परिणाम एक दिन उन्हें नशे का ग़ुलाम बना देता हैं। ये तनाव आज सबसे ज्यादा नव युवकों में देखने को मिलता है। वे अपने करियर को लेकर इतने गंभीर होते हैं कि तनाव ग्रस्त हो जाते हैं। नशाखोरी भारतीय समाज में बड़ी समस्या बन चुकी हैं। हृदय की पवित्रता तथा विचारों की शुद्धता के लिए नशा मुक्ति बेहद जरूरी हैं. यह एक तरह का संघर्ष है जो आपको उस लत के विरुद्ध करता हैं।

नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे जीवन को नष्ट कर देती है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति परिवार के साथ समाज पर बोझ बन जाता है। युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा नशे की लत से पीड़ित है। सरकार इन पीड़ितों को नशे के चुंगल से छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाती है, शराब और गुटखे पर रोक लगाने के प्रयास करती है। नशे के रूप में लोग शराब, गाँजा, जर्दा, ब्राउन शुगर, कोकेन, स्मैक आदि मादक पदार्थों का प्रयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के साथ सामाजिक और आर्थिक दोनों लिहाज से ठीक नहीं है। ध्रूमपान से फेफड़े में कैंसर होता हैं, वहीं कोकेन, चरस, अफ़ीम लोगों में उत्तेजना बढ़ाने का काम करती हैं, जिससे समाज में अपराध और गैर कानूनी हरकतों को बढ़ावा मिलता है। इन नशीली वस्तुओं के उपयोग से व्यक्ति पागल और सुप्तावस्था में चला जाता है। तम्बाकू के सेवन से तपेदकि, निमोनिया और साँस की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसके सेवन से जन और धन दोनों की हानि होती है।

नशे से हानियाँ-
 नशा करने वाला व्यक्ति अपना मान सम्मान खो देता है। वह निरंतर अपने परिवार से झगड़ता रहता है और वह नशा करके अपना होश खो बैठता है और मार पिटाई भी करता है जिससे पारिवारिक शांति भंग होती है। नशा करने वाले व्यक्ति का जीवन कभी भी खुशहाल नहीं होता है और न ही उसके पास धन होता है। नशे की लत बहुत ही बुरी है और नशीले पदार्थ प्राप्त करने के लिए व्यक्ति चोरी, डकैती या अन्य अवैध कार्य भी करता है। आजकल शराब में मिलावट भी होती है जिससे व्यक्ति अपनी जान भी गँवा बैठता है। नशा करने से केवल हानियाँ ही है। शराब हमारी फ़सलों के वातावरण के लिए भी अनुकूल नहीं है।

नशा मुक्ति के उपाय-
नशे को देश से मुक्त बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए और इससे होने वाली हानियों के विषय में जानकर खुद को इससे दूर रखना चाहिए। सरकार ने भी नशे पर प्रतिबंध लगाया है और यदि कोई भी व्यक्ति नशा करता या नशीले पदार्थ बेचता हुआ पाया जाता है तो उसे सजा दी जाती है। लोगों की नशे की लत छुड़वाने के लिए बहुत से नशा मुक्ति केंद्र भी खोले गए है।

निष्कर्ष
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 नशा मुक्त देश हर नागरिक की आवश्यकता है और इसी से राष्ट्र उन्नति कर सकेगा और यह तभी संभव है जब हर व्यक्ति नशीले पदार्थों के सेवन बंद कर दे। सिगरेट के धुएँ में जिंदगी को नहीं उड़ाना चाहिए। मुस्कान एनजीओ द्वारा सन्देश देते है कि हमें संकल्प करना चाहिए कि हम एक नयें विचारों का समाज बनाए. जिसमें इन सामाजिक बुराइयों का कोई स्थान न हो. जो व्यक्ति नशा करता हैं.हमें  कोशिश करनी चाहिए उन्हें यह लत छुडाएं तथा एक अच्छे समाज का सदस्य होने के नाते उनके कठिनाई भरे जीवन पर बुरा बोलने की बजाय उनका इस बुराई से पीछा छुड़ाने में उनका साथ दें। अपने समाज के लोगों को भी जागरूक बनाए तथा भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस गलत राह को न चूने इसके लिए विशेष रूप से जागरूक रहे।

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