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NASHE SE MUKAT KAISE HO SAKTE HAI ?

Nashe Se Mukat Kaise Ho Sakte Hai

NASHE SE MUKAT KAISE HO SAKTE HAI ?

नशेसेमुक्तकैसेहोसकतेहै ?
नशा हमेशा से समाज और परिवार के लिए समस्या रहा है जिसके प्रभाव में आया व्यक्ति घर -परिवार -समाज के लिए मुसीबतें खड़ी करता रहा है और खुद क साथ औरों का भी जीवन बर्बाद करता रहा है |नशा कोई भी हो जब यह आदत बन जाती है तब स्वाभाविक स्वभाव को बदल देती है और व्यक्ति की आतंरिक रासायनिक क्रिया बदलनी से इसके अभाव में व्यक्ति की दिनचर्या बिगड़ने लगती है |यद्यपि नशा हर उम्र के लोग करते हैं पर यह युवा वर्ग में आज अधिक प्रचारित हो रही जहाँ युवा अपना जीवन तबाह कर ले रहा |जो समय उन्नति में लगना चाहिए वह समय गँवा रहा है| पैसे बर्बाद तो होते ही हैं, इसे पाने के लिए गलत -सही काम तक हो जाते हैं उनसे |

नशा
दूरकरनेकातरीका :-
आज हमारे समाज की युवा पीढ़ी जिसके हाथों में हमारे देश की उन्नति होनी चाहिए | उनके हाथों में आज नशे से युक्त शराब की बोतलें है | यह हमारे लिए बहुत ही दुर्भाग्य की बात है | आज के समय में शराब को तो अपने जीवन का हिस्सा मनाते है | जो मनुष्य आज अपने पैरों पर अच्छी तरह से खड़े भी नही है | वो लोग भी शराब और ना जाने और कितनी नशीले पदार्थों का सेवन करते है | जैसे :- ड्रग्स , चिलम , कोकीन हशीन आदि | इन नशीले पदार्थों का हमारे देश में इतना अधिक विकास हुआ है कि बहुत से लोगों के शरीर में यह एक बीमारी की तरह घुस गई है | आजकल जो भी पार्टी होती है | उसमे शराब का होना तो एक आम बात हो गई है |

कुछ लोग अपनी मर्जी से नशा करते है | कुछ अपने शौक से नशा करते है | जो अपने आप को नशे की आग में झोक देते है | परन्तु कुछ लोग कुसंगति में रहने के कारण नशे के आदि हो जाते है | आजकल कोलेज जाने वाले ये रोग हमारी युवा पीढ़ी को इस प्रकार से लग गई कि अच्छे से अच्छे घर के बच्चे भी बर्बादी की कगार पर पंहुच गये है | इस लोगो के नशे की लत बारे में मालूम होता है ,तो उस समय तक उनका बच्चा पूरी तरह से नशे के आदि हो  जाते है | नशे के आदि लोगों के बारे में एक बात और सामने आई है कि जो लोग नशे का सेवन करते है | वो अपनी इस आदत को पूरा करने के लिए चोरी , डकैती आदि करने लगते है |

यदि व्यक्ति अधिक प्रभाव में हो और उसे खुद मुक्त होने की भावना उत्पन्न होने में देर लग रही हो तो उसे चिकित्सीय औषधियां दी जानी चाहिए या उसे नशा मुक्ति केंद्र ले जाया जाना चाहिए एक बार जहाँ वह एक बार नशे से मुक्त हो | इसके तुरंत बाद उस पर मनोवैज्ञानिक प्रयोग होने चाहिए |इस समय व्यक्ति नशा मुक्त होता है और इससे स्थायी मुक्ति की भावना से उससे काम कराया जा सकता है |

निष्कर्ष
:
मुस्कान एनजीओ द्वारा सन्देश दिया जाता है कि हमारा एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि अपने देश को नशे से मुक्त किया जाये| इसके लिए सबसे पहले अपने आप को बदलें | इसके बाद समाज में हो रही इन बुराईयों को दूर करें |उसके अंदर बैठी सभी बुरी भावनाओं ,कुंठाओं ,हीन भावना को निकाल वहां आत्मविश्वास ,नशे की बुराई ,नशे से उत्पन्न समस्याएं ,नशे स मुक्ति की भावना ,खुद की सक्षमता का विश्वास ,कभी नशा न करने की भावना को स्थापित किया जाना चाहिए | सही से प्रक्रिया पूर्ण हो तो व्यक्ति हमेशा के लिए बदल जाता है |

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