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NASHE SE SEHAT PAR PADNE WALE PRABHAW

Nashe Se Sehat Par Padne Wale Prabhaw

NASHE SE SEHAT PAR PADNE WALE PRABHAW

नशे से सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव
जैसे कि हम  है कि आज नशा चारों और फैल रहा है , लोग नशे के गुलाम होते जा रहे है। प्राचीन काल से आज के जमाने में नशे का सेवन बहुत ही  रहा है। आज देखा जाये सिगरेट , तम्बाकू , बीड़ी ,शराब आदि में सभी का उपयोग आजकल के नवयुवक तेज़ी से कर रहे है जिसके लिए हम  से मुक्त  पाने के लिए बदलाव लाने की जरुरत है। 

किसी एक व्यक्ति की नशे की लत से परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसलिए किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना ही इसका सर्वोत्तम इलाज है। कुछ बीमारियों का इलाज ही बचाव है, जबकि कुछ बीमारियों से बचाव ही उनका इलाज है। नशे की आदत को छोड़ने के लिए पीड़ित को ऐसे लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहिए, जो नशा ना करते हों। साथ ही सकारात्मक विचार रखते हों। नशे की सामग्री व्यक्ति को पहले उत्तेजित करती है, लेकिन उसके पश्चात जैसे-जैसे आप उसकी गिरफ्त में आते जाते हैं, वो व्यक्ति को भीतर से नकारात्मक बनाती है। जिससे व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास कम होने लगता है, जीवन में निराशा का भाव आने लगता है। साथ ही चिड़चिड़ापन पैदा होता है, जो उसकी सफलता और जीवन के रोजमर्रा के कामों में बाधक बनता है।

नशाकाकारण
सबसे पहले हम यह जाने कि नशाखोरी के कारण क्या हैं? लोग मजा पाने के लिए नशा करते हैं। दरअसल नशा चीज ही ऐसी है कि जो खून में जाते ही आदमी को खुशी और स्फूर्ति का एहसास कराती है। कुछ लोग अपने दोस्तों के दबाव में आकर नशा करने लगते हैं। तीसरा कारण है सुलभता। पहले जिस शराब की बोतल खरीदने के लिए लोगों को दूर जाना पड़ता था, अब वह आसानी से मिल जाती है। जगह-जगह ठेके खुले हैं। चौथा कारण है तनाव, जिसके कारण इंसान नशा करता है। बहुत सी संस्थाए नशे की रोकथाम के लिए बहुत से प्रयत्न कर रही है। परंतु अच्छे नतीजे नहीं मिल रहे। कुछ समय के लिए तो व्यक्ति शराब छोड़ देता है, परंतु बाद में फिर शुरू हो जाता है।

नशा 
एक अभिशाप
नशा हमारे लिए एक अभिशाप है । यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है । इन जहरीले और नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचने के साथ ही इससे सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता ही है साथ ही स्‍वयं और परिवार की सामाजिक स्थिति को भी भारी नुकसान पहुंचाता है । नशे के आदी व्यक्ति को समाज में हेय की दृष्टि से देखा जाता है । नशे करने वाला व्‍यक्ति परिवार के लिए बोझ स्वरुप हो जाता है, उसकी समाज एवं राष्ट्र के लिया उपादेयता शून्य हो जाती है । वह नशे से अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा शांतिपूर्ण समाज के लिए अभिशाप बन जाता है ।

उपसंहार
इन सभी मादक द्रव्यों से मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ समाज, परिवार और देश को भी गंभीर हानि सहन करनी पड़ती है । किसी भी देश का विकास उसके नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, लेकिन नशे की बुराई के कारण यदि मानव स्वास्थ्य खराब होगा तो देश का भी विकास नहीं हो सकता । मुस्कान एनजीओ द्वारा लोगों को यह संदेश दिए जाते हैं कि शराब, गांजा और भांग सहित हर प्रकार के मादक द्रव्यों का सेवन आपके जीवन में तबाही लेकर आता है. खासतौर पर सिगरेट को लेकर किसी भी तरह के विज्ञापन न दिखाए जाने की हिदायत दी जाती है. यह शोध भले ही नशे के आदी हो चुके लोगों को प्रभावित न कर पाए लेकिन वह लोग जरूर सावधान हो जाएं जो अकसर सिगरेट को शौकिया तौर पर पीते हैं.