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नवरात्री 2019 , कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व्रत और पूजा विधि ,  इस नवरात्री कैसे करे माँ दुर्गा को प्रसन्न जाने इस पोस्ट में

नवरात्री 2019 , कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व्रत और पूजा विधि , इस नवरात्री कैसे करे माँ दुर्गा को प्रसन्न जाने इस पोस्ट में


नवरात्रि, देवी दुर्गा की पूजा करने के नौ पवित्र दिन  29 सितम्बर (september ) से शुरू हो रहे है । इस दौरान हम माँ दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों (different forms of maa durga ) की पूजा पूर्ण भक्ति  और श्रद्धा के  साथ करते है एवं उनका आशीर्वाद (blessings) प्राप्त करते है |  यह भारत में सबसे जीवंत त्योहारों  (live festival ) में से एक है जो राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों (in different parts of india)  में अलग-अलग तरीकों से एक ही समय में मनाया जाता है। उदाहरण के लिए, गुजरात में, डांडिया इस त्योहार का मुख्य आकर्षण है और बंगाल में, दुर्गा पूजा बहुत ही जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

नवरात्रि का त्यौहार भक्ति और  देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित (dedicate) है। नवरात्रि, जिसका अर्थ है संस्कृत में 'नौ रातें', वह समय है जब प्रत्येक दिन दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है।  माँ दुर्गा के अलग-अलग नाम हैं जिनके द्वारा दुर्गा के नौ रूपों को जाना जाता है।ज्ञान और ज्ञान देने से लेकर बुराई पर काबू पाने तक, दुर्गा का प्रत्येक रूप अलग-अलग गुण प्रदान करता है। पवित्र नवरात्रि के मौसम में पूजा की जाने वाली माँ दुर्गा के नौ रूप बहुत ही अद्भुत है|


शारदीय नवरात्र 2019  का आरंभ  29  सितंबर को  रविवार से होने वाला है। नवरात्र में कलश स्थापना के शुभ मुहूर्तप्रतिपदा (starting from Navami) से आरंभ होकर नवमी तक मां के नौ रूपों की आराधना (Worship) विशेष पूजन और उपवास (fast ) करने का विधान है। नवदुर्गा की कृपा पाने के लिए यह नौ दिन बहुत खास हैं | वर्ष 2019 में नवरात्रि 29 सितंबर रविवार से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेंगे।

वर्ष 2019 में अश्विन शुक्ल अर्थात अश्विन (September) नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि 28 सितंबर को रात 11.56 से शुरू होकर अगले दिन 29 सितंबर (September) को रात 8.14 बजे तक रहेगी।इसके अलावा दोपहर में 11: 46 बजे से 12.35 के बीच अभिजीत मुहूर्त है आप इस अवधि में कलश स्थापना कर सकते हैं।

वैसे तो नवरात्रि का प्रत्येक दिन ही शुभ माना जाता है लेकिन इस बार की नवरात्रि में कई विशेष शुभ संयोग  (Special auspicious coincidence ) भी मिलने वाले हैं। साल 2019 में माँ दुर्गा का आगमन हाथी  रहा है | वैसे तो माँ  शेर की सवारी करती है लेकिन धरती पर  प्रत्येक वर्ष उनका आगमन और गमन  अलग अलग तरीके से होता है  इस बार माँ भगवती का आगमन हाथी और गमन घोड़े से है साल 2019 के शारदीय   नवरात्री के शुभ होने का एक यह भी कारण  है जिस  योग में नवरात्री का प्रारम्भ हो रहा है वह है सर्वार्थ सिद्धि योग (अमृत योग) यह योग बेहद विशेष संयोग लेके आता है


नवरात्री के अवधि में दो सोमवार आ रहा है | सोमवार भगवन भोलेनाथ को समर्पित है , मान्यता है की सोमवार और शुक्रवार को माँ दुर्गा की विशेष पूजा और आराधना की जाती है | माता रानी भोले नाथ की अर्धंगनी (wife) है तो आप सभी नवरात्री के इस पवन अवसर पर माँ दुर्गा के साथ साथ भगवन शंकर को भी प्रसन्न करे और अपने कुशल जीवन (Skilled life) की कामना करे |

नवरात्रि के दौरान रोजाना मंदिर जाएं | घर में घाट की स्थापना करे और नित्य उसे जल द्वारा सींचे  |

देवी दुर्गा की प्रतिदिन पूजा करें, घी  का दीपक जलाएं, फूल चढ़ाएं  दुर्गा शप्तसती या दुर्गा चालीसा का पाठ करे और देवी का आशीर्वाद पाने के लिए आरती करें |

माँ दुर्गा की नौ अभिव्यक्तियाँ (Nine expressions) हैं - शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।

नवरात्री में कन्या पूजन का बड़ा महतत्व है (Girl worship is very important in Navratri)

हिंदू पौराणिक (Hindu mythology) कथाओं के अनुसार, कन्या पूजा का बहुत महत्व है। हालांकि हिंदू धर्म कहता है कि भगवान हर बच्चे में रहते हैं लेकिन युवा लड़कियों को विशेष रूप से देवी दुर्गा का एक रूप माना जाता है। जैसे-जैसे नवरात्रि अपने 8 वें और 9 वें दिन तक पहुंचती है, वैसे कन्या पूजन  की पूजा करने की रस्म ( होती है जिनकी उम्र 3 से 9 साल होती है। इस अनुष्ठान को 'कन्या पूजन' के नाम से जाना जाता है। लोग आमतौर पर देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतिनिधित्व (Representation of nine forms) करने वाली नौ युवा लड़कियों की पूजा करते हैं। इस प्रकार, ये युवा लड़कियां सबसे शुभ, सबसे जगरत का प्रतीक हैं,  हालांकि हिंदू धर्म कहता है कि भगवान हर बच्चे में रहते हैं लेकिन युवा लड़कियों को विशेष रूप से देवी दुर्गा का एक रूप माना जाता है। जैसे-जैसे नवरात्रि अपने 8 वें और 9 वें दिन तक पहुंचती है, वैसे युवा लड़कियों की पूजा करने की रस्म (ceremony) होती है जिनकी उम्र 3 से 9 साल होती है। सभी इन कन्याओ में माँ दुर्गा के नौ रूपों को देखते एवं उनको श्रद्धा पूर्वक पूजते है और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करे है | 

कैसे करे माँ दुर्गा की उपासना (How to worship Maa Durga)

 * नवरात्री के दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए अगर यह संभव न होतो दुर्गा चालीसा का पाठ  करे और सुबह शाम आरती करे

* स्वच्छता (Cleanliness) का विशेष ध्यान रखे

* तामसिक भोजन (Non-vegetarian) का त्याग करे को अपनाये |

* पूजा के दौरान माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों का ध्यान करे |

* कलश स्थापना से पूर्व अष्टदल कमल को जरूर बनाये  माँ दुर्गा को अष्टदल  कमल अत्यंत प्रिये है |

* माँ दुर्गा के विभिन्न नाम हैं जिनका आप जाप करे जो भी आपको सबसे अधिक पसंद हो।

* गुड़हल (Hibiscus) का  फूल देवी दुर्गा को विशेष रूप से प्रिय है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस फूल ने राक्षसों के साथ युद्ध के दौरान काली की आंखों को फिर से दिखाने के लिए अपना रंग चढ़ाया था। अगर गुड़हल (Hibiscus) का फूल न मिले तो कोई भी लाल रंग का पुष्प (Red flower) माँ को अर्पित करे क्यों की माँ दुर्गा को लाल रंग अत्यधिक प्रिये है और इस मंत्र का उच्चारण कर के माँ को प्रसन्न करे |

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।

जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री और स्वधा- इन नामों से प्रसिद्ध जगदंबे। आपको मेरा नमस्कार है।