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PEDO KO BACHANE ME HAMARA KYA FARZ BANTA HAI

Pedo Ko Bachane Me Hamara Kya Farz Banta Hai

PEDO KO BACHANE ME HAMARA KYA FARZ BANTA HAI

पेड़ों को बचाने में हमारा क्या फ़र्ज़ बनता है ?
प्राचीन समय में साधन सम्पन्न व्यक्ति अधिक से अधिक पौधे लगवाता व उचित पानी की व्यवस्था करवाता था, परन्तु आज औद्योगिकरण के युग में उल्टा हो रहा है। पेड़ो की सुरक्षा के बजाय उन्हें काटा जाता है। जिससे वातावरण में कार्बनडाइ ऑक्साइड, मीथेन व अन्य ज़हरीली गैसों की मात्रा अत्यधिक बढ़ती जा रही है। दूषित वातावरण के कारण मनुष्य कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हो रहा है। असमय वर्षा, बाढ़ व सुखा जैसी स्थिति हर वर्ष बन जाती है, जिससे मानव जाति को अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। अत: अधिक से अधिक पेड़ लगाकर हम पर्यावरण को स्वच्छ बना सकते है।

अनेक प्रकार की जानलेवा रोगों से छुटकारा पाने के लिए भी पेड़-पौधों के संरक्षण की अति आवश्यकता है। जीवनभर पेड़ पौधे हमें कुछ न कुछ देते रहते हैं। वे हमसे लेते कुछ नहीं। पेड़ बेचारे पानी, धूप एवं अन्य सुविधाएँ मांगते नहीं परंतु हम सभी का फर्ज बनता है कि उन्हें सभी सुविधाएँ प्रदान करें। कहा जाता है कि  इंसान इंसान का साथ छोड़ जाता है किंतु पेड़ पौधे इंसान का साथ नहीं छोड़ते हैं।

पेड़ों को बचाना चाहिये:
  • हरे पेड़ो को काटना नही चाहिए, यदि कही भी हरे पेड़ काटे जा रहे है तो हमारा यह फर्ज बनता है की उन्हें काटने से बचाने के लिए पेड़ काटने वालो को रोकना चाहिए।
  • यदि बहुत ज्यादा जरूरी हो तभी किसी पेड़ को काटने क अनुमति होनी चाहिए लेकिन उसके बदले में दस और पेड़ लगाने का प्रावधान और रख रखाव की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  • जहा जरूरी हो तभी लकड़ी की वस्तुए खरीदनी चाहिए और यदि हम लकड़ी की चीजो का बहिस्कार करते है तो यह भी पेड़ पौधे की कटाई में कमी ला सकते है।
  • जिन जिन उत्पादों में लकड़ी का उपयोग होता है उन्हें हमे समुचित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए, इन लकड़ियों के चीजो में कपड़ा, सिगरेट, बीड़ी, कागज के पेपर आदि प्रमुख है जो की पेड़ो की कटाई के लिए उत्तरदायी होते है।
  • पेड़ो को कटने से बचाने के लिए लोगो में जागरूकता फैलानी चाहिए और व्यापक स्तर पर लोगो को जागरूक करने के लिए इसे अभियान के रूप में चलाना चाहिए।
  • आज  कल कारखानों, गाड़ियों से निकलने वाली प्रदूषित और जहरीली गैसे भी वायुमंडल को दूषित करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभा रहे है ऐसे हमे हमे इनपर भी रोकथाम और सारे नियमो को ध्यान में रखते हुए ही इनका उपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष
हम सभी का यही फर्ज बनता है प्रकृति द्वारा स्थापित पर्यावरण तंत्र को बनाये रखने में अपना योगदान दे और यदि समय रहते हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए नही तो आने वाले वर्षो में और भी भयंकर परिणाम देखने को मिल सकते है जिनमे प्रमुख रूप बाढ़, सुखा, अत्यधिक गर्मी, ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषित वायु और जल संकट आदि प्रमुख होगें जिनसे पार पाना बहुत ही मुश्किल होगा।पेड़ो के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करें। किसी भी मानव गति विधि से बचे जिससे जंगल की आग लग सकती है। हमें समझना होगा कि हमारा जीवन पेड़ो पर आश्रित है तथा सुखी जीवन के लिए हमें वृक्षों की रक्षा करनी पड़ेगी. यदि हम ऐसा करेंगे तो बहुत सी समस्याओं से निजात पा सकते हैं. प्रदूषण के जहर से मुक्त होकर स्वच्छ जिंदगी का आनंद ले सकते हैं. इसलिए हमें पेड़ न काटकर हर साल नये वृक्ष लगाने चाहिए। तो ऐसे में हम सभी का यह फर्ज बनता है की हम सभी को पेड़ ज़रुर लगाना चाहिए और दूसरे लोगो को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए तभी हम धरती को आने वाले वर्षो में भी रहने योग्य बना सकते है