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PRADUSHAN KO KIS PRAKAR KAM KIYA JA SAKTA HAI

Pradushan Ko Kis Prakar Kam Kiya Ja Sakta Hai

PRADUSHAN KO KIS PRAKAR KAM KIYA JA SAKTA HAI

प्रदूषण को किस प्रकार कम किया जा सकता हैं?
प्रदूषण ने हमारे पर्यावरण को बहुत ही हानिकारक रूप से प्रभावित किया हैं! पहले के समय में मनुष्यों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाता था! पर्यावरण प्रदूषण मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी खतरनाक हो गया हैं! प्रदूषण मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचाने का मुख्य कारण हैं, इसके कारण श्वसन समस्याएं, त्वचा रोग, फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियां मनुष्यों को जकड़ के रखती हैं! मनुष्य भौतिक संसाधनों का आनंद प्राप्त करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करता हैं! ग्लोबल वार्मिंग भी पर्यावरण पर बुरा प्रभाव डाल रही हैं!

मनुष्य के द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने के लिए और पर्यावरण में प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए! हमें पर्यावरण संकट से घिरी हुई पृथ्वी को बचाने के प्रयत्न करने चाहिए और पर्यावरण के अनुकूल उपायों को अपनाना चाहिए! पृथ्वी ग्रह पर रहने वाले हर एक नागरिक के लिए ‘गो ग्रीन’ प्रेरणादायक वाक्य होना चाहिए। इसे अपनाकर हम पर्यावरण के नुकसान की भरपाई कर सकते हैं! जल संरक्षण, प्राकृतिक तरीके से सड़नशील पदार्थों का उपयोग करके , ऊर्जा की बचत करने वाले उत्पादों को चुनना जैसे कुछ उपाय हैं जो हमारे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में योगदान करने के लिए अपनाए जाने चाहिए।

हमें  जितना हो सके अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और पुन: उपयोग, रिचार्ज और रीसायकल और ऊर्जा संरक्षण जैसी आदतों को लागू किया जाना चाहिए! टीवी, लैपटॉप, स्टीरियो जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद आकर देना चाहिए!

पानी हमारे लिए सबसे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन हैं। पानी के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं हैं, इसीलिए पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए और जल सरंक्षण की नीति को अपनाना चाहिए! शेविंग और ब्रश करते समय में पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए बल्कि नल को बंद कर देना चाहिए इसी तरह पौधों में पानी डालने के लिए बरसात के पानी को इकट्ठा करके रख लेना चाहिए! इसके इलावा हमें लम्बे समय तक नहाने से बचना चाहिए! शौचालय फ्लश के लिए 15 से 20 लीटर तक पानी की आवश्यकता होती हैं! कचरे को बहाने के लिए और पानी को बचाने के लिए कम क्षमता वाले फ्लश टैंक स्थापित करने चाहिए! 

पर्यावरण की रक्षा करने के लिए संरक्षण ऊर्जा को प्रयोग में लाया जाता हैं! एयर कंडीशनिंग का उपयोग हमें कम से कम करना चाहिए क्योकि वे सीएफसी जैसे हानिकारक पदार्थों का उत्सर्जन करते हैं जिससे पर्यावरण को हानि पहुँचती हैं! एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट आदि उपकरण ऊर्जा की बचत करते हैं और पर्यावरण की दिशा में भी योगदान करने में सहायक हैं इसीलिए हमें इनका उपयोग करना चाहिए!

एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ई-रिक्शा और साइकिल जैसे वाहनों का उपयोग चाहिए ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके! हमें पर्यावरण के अनुकूल कार्य करने चाहिए और लोगों के मन में पर्यावरण को साफ़ रखने के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके!

हमें पर्यावरण को बचाने के लिए जितना हो सके प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग कम करना चाहिए! आज के समय में सभी लोग प्लास्टिक की थैलियां, पानी की बोतलें आदि इन सभी उत्पादों पर निर्भर हैं! प्लास्टिक एक गैर-बायोडीग्रैडबल हैं, जो कभी भी पर्यावरण से नहीं जाता! इसीलिए हमें प्लास्टिक की जगह कपडे या कागज़ के बैग या फिर धातु से बने कंटेनरों का उपयोग करना चाहिए! 

निष्कर्ष
मुस्कान एनजीओ की टीम पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए बहुत से कार्य कर रही हैं और इस टीम के द्वारा ही लोगों के मन में प्रदूषण को खत्म करने के लिए जागरूकता पैदा हुई हैं! लोगों द्वारा प्रदूषण-युक्त वाहनों का उपयोग कम होने लगा हैं और वे साईकल का उपयोग करने लगे है!